डिबिया चांदी की तथा अन्य कहानियाँ : Uma Trilok :Book Review

डिबिया चांदी की तथा अन्य कहानियाँ by Uma Trilok Book Review

कहानियाँ क्या होती है ? वही जो हमारी ज़िन्दगी के इर्द गिर्द के कहे सुने कथन होते हैं ,और दिल में गहरे असर कर जाते हैं . बहुत पहले कहीं पढ़ी कहानी की परिभाषा के बारे में थी कहानी वह ध्रुपद की तान है, जिसमें गायक महफिल शुरू होते ही अपनी संपूर्ण प्रतिभा दिखा देता है, एक क्षण में चित्त को इतने माधुर्य से परिपूर्ण कर देता है, जितना रात भर गाना सुनने से भी नहीं हो सकता।” उमा त्रिलोक जी की लिखी कहानियाँ भी इसी तरह की है जो उनके कहानी संग्रह “डिबिया चांदी की तथा अन्य कहानियां” में पढ़ी मैंने. वाकई उनकी कहानियाँ दिल को गुनगुना के अपनी बात कहती है .

उनके इस संग्रह में सभी कहानियां ज़िन्दगी के बहुत करीब हैं पर उनकी डिबिया चांदी की कहानी मुझे बहुत पसंद आई .उसकी पंच लाइन “संसार में सभी एक सूत्र से बंधे हैं ,और कभी न कभी एक दूजे से मिलते जरुर हैं ,”सच ही तो है ,तभी शायद उमा जी से रूबरू मिलना तो नहीं हुआ पर उनके लेखन ने मुझे उनके दिल के बहुत करीब कर दिया है ,कभी ज़िन्दगी ने मिलने का मौका दिया तो अजनबी नहीं लगेंगे यह पक्का यकीन है ,

उनकी इस संग्रह की कहानियों में .हारूंगी नहीं “आज के एक सच को ब्यान करती है ,वक़्त इस तरह से बदला है की गोद ली गयी बेटी ही बेटी  नहीं लगती आज की आदम भूख को ,कहानी के भाव जब आज कला के वक़्त को ब्यान करें तो वह ज़िन्दगी के बहुत करीब हो जातें हैं मिल गयी माँ .में आज के वक़्त में भी बेटी का दर्द ब्यान है ;तो “साया “कहानी में  सैनिक की बीबी को झेलने का अजीब रंग झंझोर देता है .”वसीयत” ,”उसका सच ,”कबूल हैं आदि जैसी इस संग्रह की यादगार कहानियां हैं , वाकई इस संग्रह की कहानियां कहानी की कही गयी परिभाषा के अनुसार हैं   कि यह संग्रह  ऐसा सजा फला फूला बगीचा  नहीं जिसमें भाँति-भाँति के फूल, बेल-बूटे सजे हुए हैं, बल्कि एक गमला है जिसमें एक ही पौधे के मीठे पन से अपने में समोह लेता है  .डिबिया चांदी की अपने में एक चमक लिए हुए उमा जी की कलम से संजोयी गयी है .जो बार बार पढने लायक है ,

उमा जी को इतने सुन्दर शब्द इस संग्रह को पढ़ाने के लिए धन्यवाद और आपने अब तक इस चांदी की डिबिया को नहीं खोला है तो इसकी चमक से परिचित कैसे होंगे ,जरुर पढ़े इस एक बैठक में पढ़े जाने वाले संग्रह को 

 डिबिया चांदी की तथा अन्य कहानियाँ  Uma Trilok
डिबिया चांदी की तथा अन्य कहानियां
उमा त्रिलोक
हिन्द पाकेट बुक्स
कीमत रु १५०/-

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