Travel Review :Mumbai and Visakhapatnam

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मुझे समुन्द्र बहुत पसंद है ,एक सपना है कि कभी पैसे हुए तो एक घर लूँ वहां कहीं समुन्द्र के किनारे ,बहती नमकीन हवा और उठती गिरती लहरें वाकई एक सम्मोहन  का काम करते हैं ,साथ खड़े नारियल के पेड़ जैसे ऊंचाई के प्रतीक ,और साहिल से टकराती लहरें जैसे ज़िन्दगी जीने के सही मायने सिखाती है ,अब तक मैं जिन जिन समुन्द्र नगरी में गयी वही की हो कर रह गयी हर बार  वापस आते वक़्त समुन्द्र को कह के आती जल्दी ही फिर बुलाना। दिल्ली पत्थरों का शहर है ,वहां हवा भी खुश्क है और दिल भी,और समुन्द्र ने कभी मेरी पुकार को अनसुना नहीं किया और वक़्त वक़्त पर बुलाता रहा ,आज इस TRAVEL REVIEW  में बात Visakhapatnam और Mumbai शहर के समुन्द्र की 401278_10150690973366271_1147883646_n

visakhapatnam एक पर्यटक हैवन है! यहाँ के समुन्दर तट बहुत ही सुन्दर है ..अछूते साफ़ पानी जैसे दिल को अजीब सा सकून करवाते हैं ….समुन्दर किनारे बने हुए घर ..आधुनिक और पुराने दोनों का मिश्रण है ….भाग दौड़ से दूर शांत जगह वाकई कई बार वहां यही दिल हुआ कि काश यही रह पाते 🙂
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ऋषिकोंडा बीच आंध्र प्रदेश के सबसे सुंदर समुद्र तटों में से एक है यहाँ का पानी जैसे आपको बांध लेता है अभी अधिक पर्यटक न होने के कारण यह अभी साफ सुथरा है,Rushikonda समुद्र तट, सुनहरी रेत, सर्फ, समुद्र और पहाड़ी जगह का अनोखा मेल है यहाँ तैरने ,स्कीइंग और सर्फिंग यह एक आदर्श जगह है यहाँ एक जगह डॉल्फ़िन नाक और भी खूबसूरत जगह है यह विशाखापत्तनम में  350mts से अधिक ऊंचाई की एक और बड़े पैमाने पर पहाड़ी है, डॉल्फ़िन नाक इसलिए इसका नाम है क्यों की यह उसके नाक जैसी  दिखता है नाम जैसा दिखता है. यह विशाखापट्टनम हार्बर के रूप में  जाना जाता है हमारे होटल @Novatel के सामने ही रामकृष्ण बीच है यह यहाँ का मेरीन ड्राइव भी कहलाता है यह बीच बंगाल की खाड़ी के तट पर स्थित है और अपने सूर्योदय और लाल सूर्यास्त के लिए जाना जाता है। रामकृष्ण बीच और इसका जुड़वां लॉसन बीच प्राकृतिक परिवेश के रूप में शानदार प्राकृतिक सुंदरता के रूप में जाना जाता है इतने सुन्दर समुद्री तट होते हुए भी यहाँ हमारे देश में क्रूज क्यों नहीं चलते यह समझ नहीं आता यदि यह चले तो पर्यटन की दृष्टि से यह बहुत  फायदेमंद होंगे

विजाग तस्वीरें, रामकृष्ण बीच - बीच पर शाम का एक दृश्य

मुंबई के बारे में बात हो तो वहां का गेट वे ऑफ इंडिया और समुंदर नज़रों के सामने घूम जायेंगे | उनके बारे में बहुत से लोग लिखते हैं और वह सब अपनी ही नजर से देखते भी हैं …और वही नजर आपकी यात्रा को ख़ास बना देती है | किसी भी शहर को जानना एक रोचक अनुभव होता है ..ठीक एक उस किताब सा जो हर मोड़ पर एक रोमांच बनाए रखती है और मुंबई के समुन्दर में तो हर लहर में यह बात लागू होती है ..कि लोगो की भीड़ की लहर बड़ी व तेज रफ़्तार से भाग रही है  या समुन्दर की लहरे तेजी से आपको खुद में   समेट रहीं है |..

जुहू समुन्दर का किनारा कूड़े के ढेर में तब्दील था पर इस पर बने बंगलों पर रहने वालों की अपनी ही दुनिया थी …घर के पीछे की दिवार पर क्या नजारा है कौन देखे ..खिड़की से दिखने वाला समुन्द्र तो अपनी लहरों से लुभा ही लेता है न 🙂 वैसे यहाँ के मशहूर जगह के बारे में  सब जानते हैं और सबको भाते भी HAI हैं juhu ,chopuati aur नरीमन पॉइंट yahan ke bemisal samundari tat hain ,nariman point पर बैठ कर समुंदरी ठंडी हवा में चाय काफी भुट्टे का आनंद लिया गया सबसे बढ़िया smundar  का किनारा वही लगा मुझे तो ..मौज में आये तो ऊँचे सुर में गाना शुरू कर दिया ..मुंबई वाले शायद दिल्ली की इस बिंदास अदा  से हैरान हुए सो कुछ देर बाद देखा की भरा होने के बावजूद हमारे  आस पास खाली एरिया था इतना कि हम वहीँ पैर फैला कर लेट गए 🙂 सुर –  ताल से क्या लेना दिल की मौज है जब आई तभी बह लिए गानों में ..जगह तो मिली भरपूर :)वहीँ बैठ कर अगले दिन का कार्यक्रम बनाया गया कि एलिफेंटा केव्स जरुर देखी जायेगी इस में भी दो लालच थे एक तो बच्चो ने समुन्दर में बोट में सैर की थी जो बारिश आने के  कारण बहुत रोमंचक लगी थी तेज बारिश में बोट के उपरी हिस्से में बैठा जाना कभी भूल नहीं पाउंगी वैसे यह बात मुंबई की पसंद भी आई ..आस पास कुछ भी हो ..कूड़ा है बिल्डिंग है ..जाम है भागमभाग  है ……..साइड में लिखा है बोर्ड पर “यहाँ पर गलत हरकत करने पर जुर्माना किया जाएगा” पर परवाह किसे है  और इस लिए फिर भी शायद वहां की हवा में रोमांच है रोमांस है ..खुलापन है ..कोई कुछ भी कैसे भी है किसी का ध्यान नहीं ..बस अपनी दुनिया अपनी सपनो की रूमानियत ..युवा .अधेड़ ,उम्र का कोई लेना देना नहीं इस रोमांस से सब कोई अपनी ही रूमानियत में ..बहन ने  कहा भी बच्चे तो बच्चे ….बाप रे बाप !!!  ..या वहां दिल्ली के मुकाबले रोमांस की जगह बहुत है:) ….दूर दूर तक फैला समुन्दर का किनारा ..और वह नमकीन हवा  या तो तेजी से असर करती है या यहाँ की मस्त रहने की वजह इसका कारण है | दिल्ली में इतना खुलापन नहीं है ..यहाँ की हर हरकत पर नजर रहती है आने जाने वालों की । लोदी गार्डन .हुमायूं  टॉम्ब .इंडिया गेट आदि जगह पर जोड़े डरे सहमे से बैठे हुए दिखते हैं कुछ पुलिस  की तेज नजर और  कुछ आने  जाने वाले यूँ घूरेंगे कि  इश्क भी तोबा कर उठे 🙂 पर मुंबई वाकई बिंदास है ..हर शहर का अपना यही अंदाज़ उसको दसरे शहर से जुदा कर देता है … मुंबई की बात हो और “सी लिंक “की बात न हो तो थोड़ी गलत बात है ..इंसान का बनाया एक खूबसूरत   अजूबा जो अपनी सुन्दरता और बनावट से वाकई दिल मोह लेता है…उस पर जाना वो भी बारिश के मौसम में जन्नत सा महसूस करवा देता है । मुंबई की समुद्नर की लहरों को देखना और उनसे बाते करना मेरा प्रिय शगल रहा .बहुत लकी है मुंबई वाले कि  उनके पास समुन्दर है .:)


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