South Delhi Attractions

South Delhi Attractions साऊथ दिल्ली अपने में ही एक सुन्दर जगह है , इस जगह पर रहने वालो को दिल्ली का कोई और कोना फिर काम ही भाता है। आज यहाँ के तीन प्रमुख जगह  सैर करवाते हैं आपको। सबसे पहले  आपको लिए चलते है “saket select city mall ” माल में   मॉल संस्कृति तेजी से अपने पांव पसार रही है .अब हर कोई मॉल जाना पसंद करता है ….जहाँ एक ही छत के नीचे खरीदारी और खाना पीना साथ साथ हो जाए ..इसी तरह के एक मॉल के फ़ूड कोर्ट की आज आपको सैर कराते हैं .यह नई दिल्ली के साकेत में है और या यह सेलेक्ट सिटी वाक के नाम से जाना जाता है ..यहाँ बेहतरीन खरीदारी और दुनिया भर के खाने के स्वाद एक साथ लिए जा सकते हैं

यह १००० वर्ग फुट में फैला हुआ है ..बेहतरीन पार्किंग मिलेगी आपको यहाँ और यहाँ के food court में आप जो चाहे इटेलियन चाइनीज भारतीय शाकाहारी मांसाहारी जो खाना चाहे खा सकते हैं हाँ यहाँ पर आपको जेब कुछ अधिक हलकी करनी होगी

चाय काफ़ी पीने वालों के लिए यहाँ बारिस्ता कैफे ,डी काफ़ी बीन एंड टी लीफ जैसी जगह हैं इटेलियन खाने के लिए यहाँ जेलिटो आदि जैसी जगह है जूस के लिए बूस्टर जूस और भारतीय खाने के लिए सात्विक जैसे बढ़िया जगह हैं …यहाँ सब की पसंद का कुछ न कुछ जरुर मिल जायेगा .

इसके बाद आपको लिए चलते हैं हौज ख़ास यह जगह आज कल यंगस्टर में बहुत पसंद  है। खाने पीने का हब है यह जगह और यही पर है डियर पार्क ,हिरन पार्क .यह होजखास सफ़दर ज़ंग दिल्ली के पास है .नई दिल्ली की इमरातों की भीड़ में इस तरह की किसी जगह का होना सकून देता है..यह सप्ताह के सातो दिन खुला है .. यह बहुत विस्तृत फैला हुआ है .यहाँ एंट्री free है ..

इस में एक कुत्रिम झील भी है

हिरन के साथ मटकते मोर दिल्ली जैसी जगह दिखना सच में अच्छा लगता है

Dear Park  आसानी से पहुँचा जा सकता है इस पार्क से राजधानी के इस हिस्से को शहरी बस्तियों के निकट एक खुले हरी क्षेत्र की जरूरत को पहचानने के रूप में विकसित किया गया है .सुन्दर तरीके से छायादार पेड़, हरी भरी घास और एक पानी के की झील ..अपनी तरफ़ आने वाले को एक शान्ति देते हैं इस park  का मुख्य आकर्षण हिरन मोर , प्यारे से खरगोश और गिनी पिग आदि हैं .दिल्ली की भागदौड भरी ज़िन्दगी में आदर्श परिवार पिकनिक स्थल है जहाँ बच्चो के लिए खेल का स्थान ,गुलाबों की महक आपका दिल चुरा लेगी.. हिरण पार्क निश्चित रूप से समय बिताने के लिए एक अच्छा स्थान है

हौज ख़ास जाए और कुतब मीनार  की  बात न हो तो फिर साऊथ दिल्ली घुमाने का आप को फायदा  क्या? देश कीDSC00812 राजधानी दिल्ली का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। इसकी वैभव, संस्कृति, कला और सभ्यता को अगर सिद्दत से महसूस करना चाहते हैं तो दक्षिणी दिल्ली के महरौली स्थित कुतुबमीनार की यात्रा कीजिए। कहते हैं की सन 1193-1206 ई और उस के पास जो ‘’अलाई मीनार’’ है, जो 1290-1320 यानि खिल जी वंश के बेहतरीन युग में बनने लगी और उसे खील जी कुतुब की मीनार से दो गुणा बड़ा बनाना चाहते थे। 30 साल के शासन काल में पहली ही मंजिल का ढांचा तैयार हो सका।  कुछ इतिहास कार कहते है कुतुबुद्दीन ऐबक ने तीन मंजिल बनवाई,बाद की दो मंजिल इल्‍तुतमिश ने और बाद में सन् 1368 ई में फिरोज शाह तूगलक ने पांचवी मंजिल बनवाई यानि कुल मिला कर 175 वर्ष लगे कुतुबुद्दीन के ख्‍वाब को पूरा होने में वो भी तीन वंश ने मिल कर ये काम किया। कुछ इतिहासकार तो यहाँ तक कहते है कि इस का नाम बगदाद के कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी के नाम से इस मीनार का नाम रखा गया है। कुतुब मीनार जिस लाल पत्‍थर से बनी है और जिस से आयतें लिखी है कुतुब मीनार की आज पाँच मंज़िले है उन की ऊँचाई 72.5 मीटर है,और सीढ़ियां 379 है। कुतुब मीनार की सात मंज़िले थी।पहले के दिनों में, लोगों को कुतुब मीनार के ऊपर जाने के लिए अंदर 378 सीढ़ियों का उपयोग की अनुमति दी गई है, और कुतुब मीनार के ऊपर एक चिड़िया दिल्ली के नेत्र दृष्टि प्रदान करता है. खिलजी और तुगलक राजाओं ने भी इस मीनार का इस्तेमाल करने के लिए दिल्ली आए हमलावरों की गतिविधियों को देखने के लिए, विशेष रूप से मंगोलों. भूकंप का एक संख्या में कुछ हद तक कुतुब मीनार क्षतिग्रस्त. हालांकि, इसे फिर से हर बार बहाल कर दी गई दिल्ली के फिरोज शाह शासकों राज और सिकंदर लोधी सहित द्वारा. वर्तमान में, संरचना और अच्छी तरह से बनाए रखा है |
खैर कुतुबमीनार आज दिल्ली की पहचान है और इस के वर्तमान रूप को इतिहास के साए में देखना बहुत अच्छा लगता है |
और अब चलते चलते इस के बारे में एक शेखचिल्ली कहानी ..

एक दिन शेखजी नौकरी की  तलाश में दिल्ली आये । वे घुमते हुए  कुतुबमीनार पहुंचे । उन्होंने देखा क़ुतुब मीनार के पास खड़े दो आदमी आindexपस में बात कर रहे थे । उनमें से एक कह रहा था –  “यार कमाल  है! पुराने जमाने में लोग काफी लम्बे होते थे तभी तो इतनी ऊंची कुतुबमीनार बना ली ।”
“तू गधा है ।” दूसरे  ने कहा – “अबे पहले इसे लिटाकर बना लिया होगा और जब क़ुतुब मीनार बन गयी तो इसे उठाकर खड़ा कर दिया होगा ।”पहले व्यक्ति को अपने साथी का तर्क पसंद नहीं आया । उसने उसकी बात कर विरोध किया ।
दूसरा व्यक्ति भी हार मानने वाला नहीं था । वह भी अपने तर्क पर अड़ गया ।

जनाब शेखचिल्ली एक और खड़े उनकी बात बड़े ध्यान से सुन रहे थे । उन्हें उनकी मूर्खतापूर्ण बातों पर तरस आने लगा तो वह उनके करीब आकर बोले – “तुम दोनों ही महामूर्ख हो, जो इतनी सी बात पर लड़ रहे हो । इतना भी नहीं जानते, पहले कुआं खोदकर पक्का बना दिया गया था और जब कुआं बनकर तैयार हो गया तो उसे पलटकर खड़ा कर दिया गया और इस प्रकार कुतुबमीनार तैयार हो गयी ।”
🙂 तो दिल्ली में हो या दिल्ली आये तो इस को देखना न भूले …:)

aaknde google ke sojnay se

One thought on “South Delhi Attractions

  1. बढ़िया लिखा है आपने ! ज्यादातर जगहें देखि हुई हैं !

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