Rishikesh ek nayi najar se @SamadhiCafe

ऋषिकेश सोचते ही क्या ध्यान आता है ? मेरे ख्याल से सबके दिमाग में पहले गंगा ,फिर मंदिर और वहां घूमते हुए साधू सन्यासी ? वैसे मुझे भी मुख्य भाव यही नजर आता है ,पर पिछले कुछ समय से जाते हुए यह सोच बदलने लगी है ,जब शायद पहली बार गयी हुंगी  मैं ,तब इसी सोच के साथ ही गयी थी ,फिर वहां की कुदरत और राफ्टिंग ने मन मोह लिया ,बहती ठंडी हवा और कलकल गंगा में उछलती राफ्टिंग बोट  पहले डर और फिर एक अदभुत ध्यान अवस्था में पहुंचा देती है ,इस बार तक जाने तक मैं इसी अवस्था के मानसिक दौर में ही थी ,पर इस बार जाने पर एक अलग ही experience हुआ ,हाँ हर बार जाने पर यहाँ पर विदेशी टूरिस्ट भी बहुत दिखाई देते हैं , न जाने क्या तलाशते हुए ,शायद वही जो हम यहाँ रहते हुए कहीं भूलते जा रहे हैं ,इस बार Hotel Hare Rama  @samadhi कैफ़े में रुकना हुआ ,यह एक बहुत ही अलग अनुभव लगा ,छोटा सा प्यारा सा रुकने का स्थान ,

बेस्ट लोकेशन जहाँ आपके होटल रूम की खिड़की से गंगा बहती हुई दिखती हो ,पीछे की तरफ देखे तो घने जंगल का नजारा और शांत जगह ,मन जैसे अपने आप ही शांत होता जाता है ,अपने नाम “समाधि “को सार्थक करता हुआ यह cafe  वाकई बहुत अदभुत है ,जिसका खाना तो स्वादिष्ट है ही पर उसके साथ उनके स्टाफ का प्यार से खिलाना दिल खुश कर देता है ,आप चाहें तो अपने रूम में मगंवा सकते हैं पर जब इतना अच्छा rooftop कैफ़े बना हो तो फिर कहाँ दिल करता है ,वहां से बहती कल कल गंगा ,मंदिरों से आती मधुर घंटो की आवाज़ ,हाथ में गर्म काफी का कप और खुद में ही कहीं अंतर्ध्यान की अवस्था वाकई समाधी सी लगती है ,यहाँ विदेशी टूरिस्ट ही दिखे अधिक जो वहीँ योग और वहां बने बुक कार्नर से बुक पढ़ते

या वहीँ बने म्यूजिक कार्नर में गिटार से मधुर संगीत बजाते दिखाई दिए ,यह माहौल मेरे लिए टिपिकल ऋषिकेश के रंग से बिलकुल अलग सा अनुभव रहा ,rooftop के इस नजारे में एक नजारा योग और मेडिटेशन रूम का भी है वहां खुले में लगी आरामदायक चेयर्स  आपको जैसे बहती गंगा की हवा के साथ खुद से परिचित करवा देती है ,वहीँ अन्दर शांत कमरे में लगे योग मेट आपको स्वस्थ रहने की प्रेरणा देते लगते हैं ,वीकेंड के लिए यह एक बिलकुल पेरफ़ेक्ट जगह है जहाँ आप ऋषिकेश को अलग ही नजरिये से देख सकते हैं अच्छा लगता है जब आज के युवा अपने शहर से कुछ अधिक पाने की लालसा में शहर से बाहर भाग रहे हैं ,और समाधी कैफ़े को उत्साह से चलाने वाले युवा दिल्ली से पढ़ कर वहां उसको उत्साह से नए तरीके से आज के वक़्त से और भी सुन्दर ढंग से चला रहे हैं ,ऋषिकेश को एक टूरिस्ट एडवेंचर जगह बनाने के सपने को अंजाम दे रहे हैं .यहाँ के र्रोम बहुत ही आरामदायक और बजट में है ,खाने के रेट बहुत ही वाजिब और देसी विदेशी खाने के साथ आप ले सकते हैं ,यही से आप राफ्टिंग के लिए बुकिंग करवा सकते हैं ,ट्रेकिंग के लिए जाना चाहे तो भी यहाँ से आपको हर तरह की सुविधा मिलेगी ,और यदि आप हमारी तरह जंगल सफारी में रूचि रखते हैं तो भी आपको यहाँ का स्टाफ हर तरह से बुकिंग में मदद करेगा ,सफारी मेरे लिए बिलकुल ही नया अनुभव रहा ,होटल से टैक्सी ले कर चीला तक गंगा के साथ जाते हुए आप राजा जी नेशनल पार्क पहुंच सकते हैं वहां से खुली जीप में भागते हुए हिरन ,नाचते हुए मोर ,साम्भर ,जंगली पिग और हाथी देखना वाकई बहुत ही रोमांचक अनुभव रहा ,और वह और भी रोमांचक हो गया जब हमारे साथ मेरी ३ साल की नातिन समायरा की उत्सुकता और नयी नयी कहनियाँ हो ,३४ किलोमीटर में फैला हुआ यह नेशनल पार्क थोडा थका जरुर सकता है ,पर हर पल कुछ नया देखने की उत्सुकता और जंगल की एक अपनी महक आपको हर पल आपको तरोताजा बनाए रखती है ,मेरे लिए यह बहुत ही amazing experience रहा वाकई तो इस बार ऋषिकेश को इस नजरिये से देखिये बहती गंगा के साथ राफ्टिंग अनुभव और सफारी का अनुभव छोटे से वीकेंड को वाकई बहुत ही तरोताजा कर गया

harerama होटल  समाधि कैफ़े में रुकने जाने के लिए आप यहाँ इस लिंक पर   सपर्क कर सकते हैं



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