love यू ज़िन्दगी

बालीवुड की कुछ फ़िल्में बेहतरीन बनती है ,ऐसी की जितनी बार देख लो उतनी ही और नए नीनिंग देती है ,ऐसी ही एक फिल्म”  डियर ज़िन्दगी “. यह फिल्म अपनी बात जिस खूबसूरती से कहती है वह देखते ही बनती है . डियर जिंदगी’ की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह जिंदगी के प्रति सकारात्मक और आशावादी होने की बात कहती है। love you zindagi देख के कहने पर मजबूर कर देती है .

मुख्य किरदार

इस फिल्म के मुख्य किरदार आलिया भट्ट और शाहरुख़ खान है .गौरी शिंदे ने इस फिल्म को लिखा है उन्होंने जो विषय चुना है उस पर लिखना आसान है और फिल्म बनाना बहुत कठिन है, लेकिन वे एक ऐसी फिल्म बनाने में सफल रही हैं जो देखी जा सकती है। जो बात वे कहना चाहती थीं उन्होंने किरदारों के जरिये व्यक्त की है.

ज़िन्दगी के पोजिटिव पहलू से जानपहचान

अक्सर कियारा( आलिया )लड़के या लड़की इस स्थिति से गुजरते हैं। माता-पिता और वे आपस में एक-दूसरे को समझ नहीं पाते। प्यार के मायने उन्हें पता नहीं रहते। करियर में कम समय बहुत कुछ कर लेना चाहते हैं। जब चीजें उनके मन के अनुरूप नहीं होती तो वे दु:खी हो जाते हैं और ऐसे समय उन्हें “जग्स “जैसे गाइड की जरूरत पड़ती है जो उन्हें समझाए और जीवन के मायने बताए। फिल्म के जरिये इन सारी बातों को दर्शाया गया है। फिल्म को खास बनाते हैं कियारा और जग्स के किरदार। कियारा जहां कन्फ्यूज और कम उम्र की है तो जग्स स्पष्ट और परिपक्व। इस वजह से दोनों एक-दूसरे के पूरक लगते हैं। फिल्म में उनकी बातचीत सुनने लायक है और कुछ बेहतरीन संवाद सुनने को मिलते हैं। कमरे में, समुंदर किनारे और साइकिलिंग करते हुए जग्स, कियारा से बातचीत करता है, जिसके आधार पर  कियारा को पता लगता है कि वह कहां गलत है।  शाहरुख खान ने जगस , की भूमिका को बहुत आकर्षक बना दिया है।  अपनी बोलती आंखें और संवाद अदागयी से उन्होंने अपने अभिनय को गहराई दी है। अन्य कलाकारों का योगदान भी अच्छा है। ‘लव यू जिंदगी’ सहित कुछ गीत गहरे अर्थ लिए हुए हैं। आलिया और शाहरुख का रोल इसमें बहुत ही बढ़िया है .  कियारा  का जगस से मिलना और उस से की गयी बातें उसकी  जिंदगी के प्रति दृष्टिकोण बदल देती है। उसे समझ में आता है कि उसका व्यवहार और जिंदगी के प्रति नजरिया ऐसा क्यों हो गया है। छोटी-छोटी बातें हमें उलझा कर रख देती हैं और हम जिंदगी के सकारात्मक पहलुओं की ओर देखना बंद कर दु:खी हो जाते हैं।

इस फिल्म के बेहतरीन डायलाग

शाहरुख के कुछ डायलॉग्‍स ऐसे हैं, जिनका अर्थ बहुत गहरा है. इन्‍हें हर किसी के लिए जानना-सुनना आवश्‍यक है.

हम हमेशा मुश्किल रास्‍ता क्‍यों चुनते हैं जरूरी काम के लिए? क्‍या पता आसान रास्‍ते से भी काम हो जाए…

जीनियस वो नहीं है जिसके पास हर सवाल का जवाब हो बल्कि वो है जिसके पास हर जवाब के लिए पेशियंस हो .

जिंदगी में जब कोई पैटर्न या आदत बनती दिखाई दे ना…तो उसके बारे में अच्‍छी तरह से सोचना चाहिए…जीनियस को पता होता है कि कहां रुकना है… खुल के रो नहीं सकोगी तो खुलकर हंस कैसे पाओगी?

हम कितनी कुर्सियां देखते हैं कोई एक लेने से पहले…, फिर अपना लाइफपार्टनर चूज करने से पहले ऑप्‍शंस देखने में क्‍या प्रॉब्‍लम है? ज़िन्दगी एक अगर हम अपनी जिंदगी का स्टियरिंग व्‍हील अपने हाथ में नहीं लेंगे ना…तो कोई दूसरा ड्राइवर सीट पर बैठ जाएगा.

सेफ फील करने के लिए पहले सारे डर मिटाना जरूरी है. जिगसॉ पजल की तरह है…मैं तुम्‍हारे लिए उसके टुकड़े ढूंढ़ सकता हूं लेकिन उन्‍हें तुम्‍हें खुद ही जोड़ना होगा.

अल्‍बर्ट आइंसटीन ने कहा था…पागल वो हो जाता है जो रोज रोज सेम काम करता है…मगर चाहता है कि नतीजा अलग हो

love you zindagi

डियर ज़िन्दगी” ज़िन्दगी से प्यार करना सिखाती है ,तभी तो कहते हैं हम इसको देख कर “love you zindagi”

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