Goa Cafes

Goa Cafes

Goa Cafes गोवा के बारे में सोचते ही दो चीजे जो सबसे अधिक beach और sea के बाद  दिमाग में आती हैं वो है wine एंड धुआँ सिगरेट आदि और यही धुआँ गोवा को रहस्यमय भी बनाता है और अपनी तरफ आकर्षित भी करता है। किसी भी जगह आप बैठे हैं आपको यह धुंआ अपनी गिरफ्त में ले लेगा चाहे वह beach है या कोई कैफे और आप को यह शहर में बेशक परेशान करे पर वहां वह परेशान से ज्यादा हैरान करता है । beach के किनारे बने हुए कैफे और उसी के साइड में बिकती सिगरटें जिस पर बोल्ड लफ़्ज़ों में लिखा है smoke kills या स्मोक और मौत को चिन्हित करते हुए चेहरे का निशाँ बना है ,पर फिर भी वो सुलग रही है हाथो में और गोल गोल छल्ले बनाती फ़ैल रही है आपके आसपास की हवा में ।हुक्के से निकलने वाले छल्ले कुछ महकते हुए से हैं रंग से भरे हुए और पीने वाले के चेहरे पर यह पढ़ने को मिलता है जैसे मन ही मन गुनगुना रहा हो “हर फ़िक्र को धुंए में उडाता चला  गया …या वहां के धुंधले नीम अंधेरों में .मै अपनी ज़िन्दगी को मौत के और करीब लाता चला गया “:) हूँ हूँ सीरियस मत होयें पढ़ कर …एक राज़ की बात बताऊँ मुझे सिगरेट की स्मेल बहुत परेशान करती है ,पर वहां की हवा में एक बेफक्री की महक है जो इस धुंए के साथ मिल कर एक बार तो दिमाग में ले ही आती है कि आखिर क्या है उस में जो हर चिंता से मुक्त कर रहा है .पी के देखू क्या :)..

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IMG-20150919-WA0013Goa Cafes वहां की कैफे संस्कृति ने मुझे वाकई मुझे बहुत प्रभावित किया ।वहां खाने पीने वाले हम जैसे टूरिस्ट ही हैं ।या विदेशी पर मनोविज्ञनिक रूप से गोवा के रंग ढंग में डूबे हुए ही प्रतीत होते है। परिवार के साथ बैठे हुए इस गोअन माहौल को जीना वाकई एक सुखद रोमांचक एहसास है ।बेटे” अभिनव”  ने अपनी खोजी एण्डवचर मिजाज से वो सब कैफे दिखा दिए जो गोवा की एक बहुत मीठी याद बनाये रखेंगे जहन में ।@fat fish @d@taste in india aur vegetarian में नवतारा , खाना लाजवाब माहौल जबरदस्त फूल टू मस्ती जानदार और गोवा वाकई ज़िंदाबाद वाला कहने को दिल हो आया 😇बेशक मेरे जैसे  शाकाहारी लोगों के लिए ऑप्शन बहुत ही लिमिटेड है पर जो भी हैं वो स्वादिष्ट हैं जैसे दी कैफे में खाया डोसा और फ्रेश कोकोनेट चटनी या नवतारा पूर्ण शाकाहारी में आर्डर करते ही झट से आये थाली और फिल्टर कॉफी आदि ।बाकी नॉन वेज के लिए एक से बढ़ कर एक ऑप्शन हैं और स्वादिष्ट भी ऐसा खाते हुए मेरे बच्चों ने बताया ।😃

अभी हम ऑफ सीज़न में गए थे तो भी कोई रौनक हमे कम नहीं लगी ।विला से निकलते हुए हरियाले रास्ते गोवा के खूबसूरत रंगीन घरों से सजे हुए थे । हम जिस जगह थे वो हिन्दू गोअन इलाका था इसलिए हर घर के आगे तुलसी पौधा और मुख्य द्वार के समीप हिन्दू भगवान की छोटी प्रतिमाएं बेहद आकर्षित कर रही थी ।मौसम ने भी हमारे पहुँचने के साथ मस्ती में आना शुरू कर दिया गर्मी उमस भरा मौसम रिमझिम फुहार में बदलने लगा और रिमझिम फुहारें कभी तेज कभी मद्धम बारिश में और हम सब का दिल सुरमय संगीत में “डम -डम डिगा ,डिगा मौसम भीगा भीगा के साथ ताल देता हुआ कैफे के महौल और धुंए के रहस्य में भीगता रहा ….अगली कड़ी में बात होगी गोवा के लहराते समुन्द्र की जो गोवा की मस्ती के रंग को असली जामा पहनाती हैं

3 thoughts on “Goa Cafes

  1. गोआ वृतांत खण्ड दो के लिए बस यही नन्हीं-मुन्नी टिप्पणी की………
    ” जी ललचाये अब तो रहा ना जाए……..” 😀 😛

  2. पिछले दिनों गोवा मैं भी जा पाया । समुद्र तट से ज्यादा समय ओल्ड गोवा में ही दिया। आपके माध्यम से यहाँ की खूबसूरती भी निहार लूँगा।

    1. अभिषेक जी गोवा इतना खूबसूरत है कि जितना पढ़ो लिखो उतना कम शुक्रिया आगे की कड़ियाँ भी जल्द पोस्ट करुँगी

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