यायावरी यादों की: Book Review

नीरज गोस्वामी जी से परिचय ब्लॉग के दिनों का है ,उनकी यह किताब “यायावरी यादों की संस्मरण” उन सभी के निट्ठलों के नाम है जो टाइम पास के नाम पर कुछ भी पढने को तैयार हो जाते है 🙂 ऐसा उन्होंने खुद अपनी इस किताब के पहले पेज पर लिखा है ,उसको पढ़ कर जो मुस्कान की एक लाइन आपके चेहरे पर आती है ...

[Continue reading]

CHUNNIYON ME LIPTA DARD: Book Review

काव्य संग्रह -चुन्नियों में लिपटा दर्द कवयित्री -हरकीरत हीर प्रकाशक – अयन प्रकाशन मूल्य – 250 /- प्राप्ति लिंक – CHUNNIYON-LIPTA-DARD-HARKIRAT-HEER   कई बार मैं सोचती हूँ कि जब ईश्वर आंसू दर्द बाँट रहा होगा तो उसको “आदम और हव्वा “में कौन अधिक इसके लिए उपयुक्त लगा होगा ? या उस वक़्त की हव्वा ने कहीं अपनी किसी सोच में खुद को तो इस ...

[Continue reading]

वह नहीं पढता मेरी कविता : By Uma Trilok

वह नहीं पढता मेरी कविता ,इस शीर्षक ने ही मुझे बहुत अपनी तरफ खींचा ,इसको पढ़ते ही लगा कि जैसे कोई बहुत मासूम सी शिकायत कर रहा ,फिर पढ़ा तो लगा जैसे कोई हंस के किसी को बता रहा है। जब  संग्रह में कवितायें पढ़ी तो लगा यह तो कोई मेरे ही मन की बात कर रहा है ,उमा जी का सहज लेखन और ...

[Continue reading]

Sacred River :Book review

“Sacred River”Poems From India” by  Shubh Bala Schiesser शुभ बाला जी की यह संग्रह  मेरे हाथ में बहुत इंतजार के बाद आया  ,जब से यह रिलीज हुई ,तब से इसका इंतजार था ,सात समुन्द्र पार से यह बहती पवित्र नदी सी अपने सुंदर आवरण के साथ जब मेरे हाथ में पहुंची तो ख़ुशी का ठिकाना न रहा ,आखिर सात  समुन्द्र पार से आने वाले यह ...

[Continue reading]

Saykilon ka shahar Barlin (Sangeeta Sethi ) Book review

बर्लिन सपनो में अब तक जाने वाली जगह है न ? बोधि प्रकाशन के साए तले प्रकाशित हुई sangeeta sethi की यह किताब मेरी जर्मनी यात्रा “साइकलों का शहर बर्लिन देखी” और दूसरी किताब “जार्डन यात्रा ,”देखी तो मंगवा ली और अभी यह जर्मनी यात्रा पढ़ कर समाप्त की है ,Sangeeta sethi के Spandan ब्लॉग बहुत पहले एक बार पढ़ा था ,तब इनकी लिखी ...

[Continue reading]

World Penguin Day 25 April : क्या तुम ऐम्परर पेंगुइन की तरह मेरा साथ निभाओगे?”

World Penguin Day 25 April : क्या तुम ऐम्परर पेंगुइन की तरह मेरा साथ निभाओगे?” जहाँ भी अंटार्कटिका (Antarctica) की बात होती है वहां पेंगुइन (Penguin) का नाम ख़ुद बा ख़ुद आ जाता है …पेंगुइन शब्द लैटिन (Latin) भाषा से आया है पिन्गुईस मूल से आए इस शब्द का अर्थ होता है चर्बी या मोटापा ..इस तरह पेंगुइन नाम का सीधा सा मतलब हुआ ...

[Continue reading]

डिबिया चांदी की तथा अन्य कहानियाँ : Uma Trilok :Book Review

डिबिया चांदी की तथा अन्य कहानियाँ by Uma Trilok Book Review कहानियाँ क्या होती है ? वही जो हमारी ज़िन्दगी के इर्द गिर्द के कहे सुने कथन होते हैं ,और दिल में गहरे असर कर जाते हैं . बहुत पहले कहीं पढ़ी कहानी की परिभाषा के बारे में थी कहानी वह ध्रुपद की तान है, जिसमें गायक महफिल शुरू होते ही अपनी संपूर्ण प्रतिभा दिखा देता है, ...

[Continue reading]