zindaginama ज़िंदगीनामा

dance
zindaginama
यदि zindagi  का गीत गुनगुनाना  चाहते हो
उसके संग नाचना और गाना चाहते हो
तो उसके संग संग यूँ ही बहना सीखो
तोडो उन रस्मो और रूढ़ीयों को
जो तुम्हे आगे बढ़ाने से रोक लेती हैं
छोड़ दो अपने दिल के हर
पाप और पुण्य के झगड़े  को
मत करो ख़ुद को कई टुकड़ो में
यूँ विभाजित अपने में टूटा हुआ वजूद
सिर्फ़ बहो यूँ ही वक़्त की बहती धारा में
तूफ़ानो से लड़ते हुए
हर सुख और दुख की
धूप छावं से चलते हुए

बहो निरंतर यूँ ही एक अनंत धारा से
हर सुरो में सजते हुए
अपने जीवन के अनहत संगीत में
बस यूँ ही डूबे हुए ….
सुनो बस अपने दिल की दिव्य पुकार
तभी होगा यह जीवन तुम्हारे लिए
जीने का कुछ आधार !!! यही आधार है इस नए ब्लॉग को शुरू करने का। ज़िन्दगी दुबारा नहीं मिलती और अपने सपने पूरे करने के लिए एक ज़िन्दगी कम तो नहीं ?कलम जब लिखने पर आती है तो कविता के साथ साथ और भी सपनो को देखती बुनती है। कुछ सपने सच से जुड़े हैं तो कुछ को सच करना होता है 
zindaginama इस ब्लॉग में ज़िन्दगी से जुडी आधी आबादी से जुडी तमाम बातो को लेने का सपना है। यहाँ travel  भी है food भी है और जो zindagi  से दूर है उसको ज़िन्दगी के करीब भी लाना है /बस आप सब का सहयोग चाहिए रंजू भाटिया

One thought on “zindaginama ज़िंदगीनामा

  1. आभार आपका श्रीगणेश टिपण्णी हेतु आमंत्रित करने को। आभारी ।स्वागत रंजू जी।

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