रॉयल ट्रेवेल विद @Orchard Tent Resort

जब कोई प्रोग्राम अचानक से बने तो वह प्रोग्राम बहुत  ही दिल के करीब होता है | पिछले वीकेंड पुष्कर अजमेर का प्रोग्राम बना तो मेरी घुमक्कड़ी तबियत को जैसे सकूं मिला | पुष्कर अजमेर पहले २०१४  में जाना हुआ था पहली बार यह तब भी मनमोहक लगा था और अब दूसरी बार जाने पर भी उतना ही  आकर्षण लगा इस जगह में, यहाँ आप पहली बार की यात्रा के बारे में पढ़ सकते हैं

ट्रेन से सुबह छ बजे सफ़र शुरू  हुआ आरामदायक ट्रेन में बढ़िया चाय नाश्ता और साथ में बच्चो की उन्मुक्त हंसी ने सफर को और भी सुहाना कर दिया | रहने का इंतजाम @Orchard Resort Pushkar (Ganhera) में हुआ| स्टेशन पर रिजोर्ट की तरफ से कैब आई हुई थी।

Orchard Resort Pushkar
@Orchard Resort Pushkar

अजमेर स्टेशन से रिजोर्ट ४५ मिनट्स की दूरी पर है । Pushkar घाटी का यह मनमोहक सफ़र बहुत ही रोचक है ,एक तरफ अजमेरशरीफ और शहर का नज़ारा कीकर के पेड़ के जंगल और उन के झूलते बैठे छोटे बड़े काले चेहरे वाले लंगूर ,जैसे हर आने जाने वाले का स्वागत कर रहे हो ।इसी रस्ते में कई और भी रिजोर्ट बने हुए हैं आज के वक़्त ने हर किसी को छुट्टी होते ही घुमक्कड़ बना दिया है,जिस के फलस्वरूप यह सब गांव और शहर की ज़िन्दगी को एक दूसरे के करीब ले आते हैं  Ganhera गांव के शुरू होते ही, सड़क के किनारे रेगिस्तान के  जहाज ऊंट आराम करते दिखे और एक सडक के तरफ बंजारे जो लोहे का सामान और मिटटी के घड़े बर्तन अपने टेंट के पास ही बेचते दिखे।

@Orchard Resort Pushkar जाने के लिए रास्ता कुछ अस्त व्यस्त सा लगा ,एक बार तो मन में आया कि यह कहाँ जा रहे हैं! पर वहां पास पहुचंते ही हलकी गेरुए रंग की दिवार और उस बनी चित्रकारी ने जैसे रास्ते की अजब गजब हालत को भुला दिया और अपने में मोह लिया, बड़े से एक पेड़ के नीचे कैब रुकी,और हवा में फैली “विटामिन सी” की महक ने वही रोक लिया, सामने जहाँ तक नजर गयी आंवले फल से लदे पेड़ हमें देख के जैसे खिलखिला उठे और अपनी बाहें फैला कर हमारा स्वागत किया हो।

image of amla orchard
Gooseberry (Amla)

यह रिजॉर्ट मुख्यता आंवले और गुलाब की महक लिए हुए हैं ,कुदरत का यह पहला स्पर्श शुभ यात्रा की मुस्कराहट दे गया,फिर वहां के मैनेजर मिस्टर हरपाल जी ने हमारा स्वागत किया ,जब हम पहुंचे तो गर्मी बहुत थी ,सूरज पूरी चमक के साथ आसमान की खिड़की से झाँक रहा था, उस गर्मी को राहत दी ताजे गुलाब के शरबत ने बहुत ही स्वादिष्ट और बिना किसी मिलावट के यह शरबत वाकई सकून दे गया। हरपाल जी ने आगे वाले दो दिन की घुमने का प्लान बताया और साथ ही इस रिजोर्ट की जानकारी दी।

रिसॉर्ट के बारे में…

पंद्रह लग्जरी टेंट से सजा यह रिजोर्ट तपते रेगिस्तान में एक ओएसिस की तरह है, हर टेंट में रहने का पूरा इंतजाम है, इंग्लिश बाथरूम, साफसुथरा टेंट जिसमे खूबसूरत गांव की महक लिए फर्नीचर ।

नए पुराने का अनूठा संगम है ,जहाँ रुकना किसी गांव सा एहसास देता है और इसमें मिलने वाली सुविधाएं शहर से जोड़े रखती है ।भोजन के लिए “गोलघर टेंट “जिसमें बन रहे खाने की महक दूर से ही खींचने लगती है ,टेनिस ,बेडमिन्टन और कैरम बोर्ड जैसे वहां समय बिताने के बढ़िया साधन के साथ इनकी अपनी छोटी सी लाइब्रेरी भी है ।साथ ही बीच में बना एक बर्बिक्यु जिसमे रात में आकाश में अनगिनत तारो को निहारते हुए मनपसन्द स्नेक्स खाने का आनंद भुला नहीं जा सकता ।सर्दी में यहाँ अलाव भी जलाये जाते  है ।

इतनी सुविधा का सुन कर यहाँ आ कर रुकना किसी स्वर्ग में समय बिताने सा लगा । सुबह के हम चले हुए थे और भूख भी बहुत जोर की लगी थी सो फ्रेश होने के लिए अपने दिए गए टेंट नम्बर 7 मे हम पहुंचे ।जैसा बताया गया था,यह टेंट उस से अधिक सुन्दर था ,सामने लगा सेमल का पेड़ मीठी हवा दे रहा था ।टेंट  के सामने गेंदा की बगिया थी जो अभी हरी थी और गोद भरने की तेयारी में थी ,जब यहाँ पीले फूलों का गलीचा खिल जाता होगा तब यह वाकई बेहद सुन्दर दिखता होगा ।सामने ही बार्बिक्यु स्थान सजा हुआ था ,उस में नीम्बू ,और सफ़ेद फूलों का श्रृंगार था ।साथ ही भिन्डी पालक ,मूली और ग्वार फली की क्यारियाँ थी ।

आंवले के पेड़ तो जैसे हर जगह से बुला रहे थे, अन्दर ऐ सी और पंखा टेंट की ठंडक बनाए हुए थे।बुलाने के लिए मंदिर की जैसी छोटी घंटी है जो बहुत रोचक लगी ।अब इस घंटी के बजने पर कोई भाग कर आये और आपकी मांगी हुई चीज दे तो उसकी भगवान ही कहेंगे न 🙂 इस लिए यह रोचक लगी । तभी भूखे पेट की घण्टी बजी

जल्दी से सुज्जित बाथरूम में तरोताजा हो कर हम गोलघर खाने के टेंट में पहुँच गए ।वहां भी ऐ सी का इंतजाम था ।गोलघर की गोल टेंट की दीवारों पर कठपुतली टंगी हुई थी ,देख कर लगा अभी यह डांस करने लगेगी ।.खाने में ताज़ी रोटी पनीर सब्जी और दाल थी ,खाना सिम्पल पर बहुत ही स्वादिष्ट था ।ब्रह्मा का स्थान होने के कारण यहाँ नानवेज खाने वालों को और पीने वालों को निराशा हो सकती है, पर इतनी शानदार जगह और ताज़ी हवा के साथ यदि भोजन ताज़ा और वेज हो तो कुछ परेशानी नहीं ।

आधुनिक वाई फाई से ले कर यहाँ गांव से रहने का एहसास वाकई बहुत अदभुत है। खाना खा के हम वापस अपने टेंट में आये और ठंडी हवा लेते हुए कुछ देर सो गए उठे तो शाम होने को थी । इतने सारे बर्ड्स की आवाज़ जैसे कह रही थी,जल्दी करो और उठ के रेगिस्तान का डूबता सूरज देखो ।यह शाम हमारी “कैमल कार्ट राइडिंग “के लिए बुक थी ।

पुष्कर दर्शन

image of camel in Pushkar

वही सुबह जहाँ कार थी अब वहां ऊंट महराज अपनी गाडी सजाये, अपने चालक नरेंद्र के साथ  हमारा इंतजार कर रहे थे। हाँ ऊंट महराज का नाम सुशील बताया गया ,जो अपनी सुशील गति से कभी तेज कभी भागता हुआ हमें सैंड dunes की तरफ ले चला , उसके चालक ने बताया कि ऊंट रेस में ११००० रूपये इनाम जीत चूका है ।लगने वाले पुष्कर मेले के दिनों में, या बहुत तेज भागता है और प्रथम आया था, अभी भी यह कभी तेज कभी धीरे भाग रहा था, पर जनाब का पेट गड़बड़ था, जिसके कारण हमारी “नन्ही ट्रेवेलर” Samaira बहुत परेशान लगी और पुरे इस सफ़र में अपनी नाक बंद किये बैठी रही ,बाद में यात्रा खतम होते ही उनका एलान था कि अब वह इस में यात्रा नहीं करेंगी ,बहुत बदबू करता है यह 🙂

Little traveller Samaira :)
Little traveller Samaira 🙂

खैर ऊंट जी को किसी की क्या परवाह वह अपने उसी नखरे से  चलते हुए हमें सैंड dune तक ले आये। यहाँ अब नाम मात्र के यह dunes बचे है बाकी राजनीति की भेंट चढ़ गए सामने “सावित्री देवी ” ब्रह्मा जी की पत्नी का मंदिर था ।कुछ दूर दूसरी पहाड़ी पर दूसरी पत्नी का ,जहाँ तक अब रोपवे चल रह थी ,उंचाई पर बने मदिर तक पहुंचने के लिए आस्था, विश्वास के साथ सुविधाएं होना भी जरुरी है। एक छोटे से टेंट में एक परिवार अपने पेट के जुगाड़ के लिए राजस्थानी ड्रेस किराए पर पहना कर यादो को संजो लेने के लिए कह रहा था ।साथ ही बजती सारंगी पर “केसरिया बालम पधारो म्हारे देस रे “की धुन रोमांचित कर रही थी ।

नन्ही ट्रेवेलर समायरा राजस्थानी लहंगे में सजी बहुत ही सुन्दर दिखी ।अब याद रखनी है तो फोटो भी होनी चाहिए ।सो वहां फोटोग्राफर भी है। ड्रेस का किराया १०० रूपये, एक फोटो ४० रूपये की करवाई गयी यह अपनी रोजी रोटी का जुगाड़ बेहतर लगा,पर वहीँ पर मांगते बच्चों के चेहरे अच्छे नहीं लगे। दूर वापसी में यह भागते गए हमारी ऊंट गाडी के साथ “कुछ दे दो” का शोर करते हुए या बच्चे घूमने वाले को जैसे एक गिल्ट देते हैं ।जबकि पूछने पर पता चला की इन बच्चो के लिए स्कूल आदि सब है पर फिर भी न जाने क्यों Orchard रिजोर्ट ने भी वहां काम करने वाले कर्मचारियों और गांव वालों के लिए स्कूल,खाने कपडे की सब व्यवस्था करी हुई है यह सुबह बात करते हुए हरपाल जी ने बताया था।

rain in pushkar
Resort in rain

अच्छी बात है इतने रिजोर्ट हैं वहां,एक एक रिजोर्ट भी यह जिम्मेवारी ले ले तो शायद यहाँ का लोकल लोगों का भी परिवर्तन हो राजस्थान इंडिया के ट्रेवेल जगह में मुख्य जगह पर आता है वहां देसी पर्यटकों के साथ यह विदेशी पर्यटकों के भी आकर्षण का केंद्र हैऔर इसको और भी साफ़ और अच्छा बनाए रखना चाहिए| जैसे Orchard रिजोर्ट के बाहर का रास्ता कुछ सही नहीं उसमे सुधार हो, चाहे अन्दर आते ही में उस को भूल गयी क्यों की अन्दर रिजोर्ट की दुनिया उस दुनिया से बहुत अलग है,जहाँ आप सपने सी लग्जरी में अपनी यात्रा को और मनमोहक यादों से सजाते है।

जब वापस आये तो रात का अँधेरा छाने लगा था। Barbeque सजा हुआ था,सितारों से आकाश भी झिलमिलाने लगा था,सुबह के चाहचाहते सभी पंक्षी अपने घोंसले में दुबक रहे थे और रात के पक्षी उल्लू की आवाज़ सुनाई देने लगी थी। झिगुर की आवाज़ के संगीत देते हुए अपनी मनपसन्द माकटेल और पनीर ,दाल बड़े का स्वाद लेते हुए वहां हम आज के दिन का लेखा जोखा कर रहे थे साथ ही वहां रुकी दो विदेशी पर्यटकों की हिम्मत को देख कर प्रेरित हो रहे थे जिस में से एक ९० साल की थी और चलने में भी मुश्किल थी परफिर भी घुमने के शौक ने उन्हें यहाँ पहुंचा दिया था,यह हमारे देश से न जाने कितनी यादे ले जायेंगे पर मुझे तो बहुत ही प्रेरित कर गयी। देर रात तक वहां बैठ कर जब अपने टेंट में वापस आये तो दुबारा गोलघर जाने की हिम्मत नहीं थी। घंटी की अवाज सुनते ही वहां के भगवान प्रकट हुए ,खाने का आदेश ले कर गए और हमारे टेंट में भी उसको सजा गए,विद हॉट मसाला चाय,यह चाय यहाँ की स्पेशलिटी है बहुत ही बढ़िया सब थकावट को उतराने वाली।

नरम मुलायम बिस्तर पर जाते ही नींद आ गयी कल की सुबह फिर पंक्षी की कई मधुर गान के साथ होगी जो शहर में रहते हुए सुनना मुश्किल है, यहाँ से आप पूरी जानकारी ले सकते है रुकने की > http://www.orchard.in/accommodation.html

यहाँ एक टेंट का किराया 6500 Rs है विद ब्रेकफास्ट और पुष्कर मेले के दिनों में पैकेज 18000 rs के करीब है बाकी आप पूरी जानकारी दिए लिंक में ले सकते है।

रुकना यहाँ बहुत यादगार रहेगा आप भूल नहीं पाएंगे यहाँ का खाना,रहना,और यहाँ का सेवा जो यहाँ के कर्मचारी दिल से करते हैं ।

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