कश्मीर का ताज डलझील

डल लेक के बारे में सोचते ही क्या ध्यान आता है ? मुझे तो यही पंक्ति याद आती है अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है तो यहीं है, यहीं है, यहीं है। ये बात  बचपन से सुनते आएं हैं कश्मीर के लिए । और “कश्मीर का ताज है  डल झील” आज सैर करते हैं इसी डललेक की ,इसकी खूबसूरती की

डलझील कहाँ है ?

यह नाम अनजाना नहीं है यह वही झील है जिस डल झील ने सदियों से यहां की परंपरा यहां की संस्कृति को सहेज कर रखा। डल झील जिस पर न जाने कितनी फिल्मों की शूटिंग हुई, जहाँ साठ सत्तर के दशक  में बहुत से लोगों ने इस डल   झील की नजर से ही श्रीनगर के सौन्दर्य को निहार कर अपनी नजरों में बसाया है  .

जहाँ के कई गाने  आज भी जुबान पर हैं | वह डल झील आज भी उतनी ही खूबसूरत है | | समुद्र तल से 1500 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद डल एक प्राकृतिक झील है और तकरीबन 50,000 साल पुरानी है। बर्फ के गलने या बारिश की एक-एक बूंद इसमें आती है और अपने साफ़ जल से इसको भरती रहती है ।

इस झील के पास के पिकनिक स्थल

इस झील में  दो पिकनिक स्थान हैं।  चार चिनार के नाम से जाने वाले इस धरती के टुकड़े को  चार-चार चिनार के पेड़   होने से  जाना जाता है। झील के दूसरे भाग  में स्थित हरिपर्वत भी देखने  लायक है |वहीँ से  शंकराचार्य मंदिर भी दिखता है|डल झील के बीच में  भारत के प्रथम प्रधान मंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की स्मृति में नेहरू पार्क  भी है।

रोचक बातें डलझील के बारे में :

मेरा यदि यहाँ घर होता तो मैं उसका नाम नीला अम्बर रखती जहाँ की खिड़की से सब कुछ नीला आसमान और हरियाली का मेल दिखता .
कभी डल झील के साफ़ पानी के आईने में कुदरत  खुद को निहार लेती थी  पर आज लगातार बढ़ते  हाउस बोट और ध्यान न देने से वहां का पानी काला होता जा रहा है यह बहुत ही दुःख का विषय है |यह झील १९६५ में पूरी तरह से जम गयी थी ,अभी भी २०१५ में यह जमी हुई दिखाई गयी थी ,अभी भी ठण्ड के कारण इसका जमाव शुरू हो जाता है ,इस वक़्त वहां का तापमान माइन्स १ से नीचे हैं ,ताज़ी बर्फ़बारी हुई है डलझील को मलयालम में ദുൽസെൽ dulsel कहतें हैं.

हाउसबोट के नज़ारे

यदि यहाँ जा कर कश्मीर की सैर के लिए जाकर डल झील के हाउस बोट में न ठहरा जाये तो कश्मीर की सैर अधूरी रह जाती है। यहाँ के तैरते बाजार और वहां झील में ही सब्जी उगाने वाले लोगो के घर मन मोह लेते हैं | तरह तरह की पेड़ पौधो की झलक  झील की सुंदरता को और निखार देती है। कमल के फूल, पानी में बहती कुमुदनी, झील की सुंदरता में चार चाँद लगा देती है। यहाँ आने वालों   के लिए विभिन्न प्रकार के मनोरंजन के साधन जैसे  शिकारे पर घूमना   पानी पर सर्फिंग करना और मछली पकड़ना बहुत अच्छे लगते हैं |झील  में तैरते हाउसबोट और शिकारे  शांति, सुकून और मनमोहक खूबसूरत दिखते  हैं .

“ये  चाँद  सा  रोशन  चेहरा, जुल्फों  का  रंग  सुनहरा
ये  झील  सी  नीली  आँखें, कोई  राज़  है  इन  में  गहरा”
तारीफ़  करूँ  क्या  उसकी,  जिस  ने  तुम्हे  बनाया ...श्रीनगर एयरपोर्ट पर उतरते ही यह गाना बरबस दिल गाने लगता है .हर आने वाला टूरिस्ट यह गाना जरुर गाता होगा . कश्मीर के लोग वाकई जितने सुन्दर है उतने ही दिल के भी सुन्दर मासूम . वहां के  सुन्दर गुलाबी चेहरे और डलझील की खूबसूरती एक दूसरे को होड़ से देते हैं .

कश्मीर का ताज “डलझील “

यह था डलझील का सुन्दर सा नज़ारा रोचक जानकारी के साथ ,”कश्मीर का ताज डलझील “वाकई यहाँ की खूबसूरती को चार चाँद लगा देती है यह कभी न भूलने वाली यात्रा में से एक है .

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