विश्व हास्य दिवस: world laughing day

laughing kid

किसी की मुस्कराहटों पर हो निसार ..किसी का दर्द मिल सके तो ले उधार .जीना इसी का नाम है ” कितना प्यारा गाना है न यह ..एक छोटी सी मुस्कराहट जिंदगी में बदलाव ला देती है| हँसाना ,हँसना मुस्कराना आज कल की तनाव भरी जिंदगी में बहुत जरुरी है | नही तो अवसाद तक की हालत में पहुच सकते हैं ..जिंदगी है तो मुश्किलें ...

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….ek yatara

  एक यात्रा… कहाँ है अब वह प्रकति के सब ढंग, धरती के ,पर्वत के सब उड़ गए हैं रंग.. पिछले दिनों हिसार जाना हुआ यह रास्ता मुझे वैसे भी बहुत भावुक कर देता है |रोहतक जहाँ बचपन बीता उसके साथ लगता कलानौर जहाँ जन्म लिया ..क्या वह घर अब भी वैसा होगा .कच्चा या वहां भी कुछ नया बन गया होगा ..बाग़ खेत ...

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Love ThEn and NOW

प्यार तब और अब …………….. वक़्त कितनी तेजी से बदलता है न ? जब हमने होश संभाला तो इस तरह के रूमानी ख्यालों में खोये कि आज तह उभर नहीं पाए ,यह बात और है कि उम्र तमाम हुई इस के रूमानी दुनिया की खोज में 🙂 और आज के दिल्ली टाइम्स प्यार का यह रंग पढ़ा और लिखा हुआ अपना याद आया  प्यार ...

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प्लेटोनिक लव with AMRITA PREETAM

अमृता के बारे में कई लोग ऐसा मानते हैं कि अमृता अपने लेखन में निरे भावुक स्तर पर ठहर गई और उनका पूरा लेखन प्लेटोनिक लव और उस से जुड़ी इमोशंस के इर्द गिर्द ही घूमता रहा है | और उस में निरी भावुकता होती है ..इस पर अमृता ने जवाब दिया यह भावुकता नही है कोरी ..इसको इमोशंस की ” रिचनेस” कह सकते ...

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Kerala Gods Own country: Picture story

kerala Gods own country ,very true ,the most beautiful place on the earth ,this the house , जो हमेशा याद रहेगा एक अपनेपन के एहसास के साथ ,The literary meaning of Kerala is “the land of coconuts”. “Kera” in Malayalam (the language of Kerala) means coconut. As Kerala is abundant with coconut plants, it naturally got the name Kerala. In Kerala, you can find ...

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Rishikesh ek nayi najar se @SamadhiCafe

ऋषिकेश सोचते ही क्या ध्यान आता है ? मेरे ख्याल से सबके दिमाग में पहले गंगा ,फिर मंदिर और वहां घूमते हुए साधू सन्यासी ? वैसे मुझे भी मुख्य भाव यही नजर आता है ,पर पिछले कुछ समय से जाते हुए यह सोच बदलने लगी है ,जब शायद पहली बार गयी हुंगी  मैं ,तब इसी सोच के साथ ही गयी थी ,फिर वहां की ...

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यायावरी यादों की: Book Review

नीरज गोस्वामी जी से परिचय ब्लॉग के दिनों का है ,उनकी यह किताब “यायावरी यादों की संस्मरण” उन सभी के निट्ठलों के नाम है जो टाइम पास के नाम पर कुछ भी पढने को तैयार हो जाते है 🙂 ऐसा उन्होंने खुद अपनी इस किताब के पहले पेज पर लिखा है ,उसको पढ़ कर जो मुस्कान की एक लाइन आपके चेहरे पर आती है ...

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