गोवा Goa meri nazar se part 1 (Purva villa)

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Goa meri nazar se part 1 (Purva villa) : बरसों पहले “बॉबी मूवी” देखी थी ,उसमे रचा हुआ गोवा का संगीत और वहाँ का माहौल जैसे मन में रच बस गया था ,तबसे दिल में था कि गोवा जाना ही है कभी न कभी ।फिर ज़िन्दगी, पन्ने  दर पन्ने पलटती रही और बंजारा मन और उड़ते पंख भारत के अन्य जगह पर उड़ान भरते ...

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  एक यात्रा… कहाँ है अब वह प्रकति के सब ढंग, धरती के ,पर्वत के सब उड़ गए हैं रंग.. पिछले दिनों हिसार जाना हुआ यह रास्ता मुझे वैसे भी बहुत भावुक कर देता है |रोहतक जहाँ बचपन बीता उसके साथ लगता कलानौर जहाँ जन्म लिया ..क्या वह घर अब भी वैसा होगा .कच्चा या वहां भी कुछ नया बन गया होगा ..बाग़ खेत ...

अतीत के झरोखों से #worldphotographyday

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गहरे नीले सफेद आसमान को चूमती यह मीनारें और पास में ओढ़े  कर उसके पहलू में सिमटे हुए यह हरियाले रुपहले निशान इश्क होने की सब निशानियाँ कोई बेदिल ही होगा जो इस से इश्क नहीं कर पायेगा …..

Maheshwar (PURE CITY ) MP me dil hua bacche sa part 2 :Travel Review

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सुबह नाश्ता भरपूर  करके अगली मंजिल “महेश्वर “की तरफ बढ़ चले ,इंदौर को चलते हुए यही कहा “मिलते हैं फिर”क्यूंकि वापसी की फ़्लाइट इंदौर से ही थी , (महेश्वर एक प्योर सिटी ) महेश्वर इंदौर से सिर्फ ९० किलोमीटर की दूरी पर है ,यह मध्य प्रदेश के “खरगौन ज़िले में स्थित एक ऐतिहासिक नगर तथा प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है। यह नर्मदा नदी के किनारे पर ...

MP mein dil hua bacche sa : Travel Review

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बंजारा मन कहीं देर तक टिकता नहीं न ,जिन्हें घूमने  का शौक हो रास्ता निकल ही जाता है ,कहीं पढ़ा था ,ट्रेवेल के बारे में कि, “आप कहाँ पैदा हो ,यह आपके बस में नहीं ,पर आप कहाँ कहाँ घुमे ,दुनिया देखे यह आपके बस में जरुर है , “बस यही सोच का कीड़ा जब काटने लगता है तो अपना सफरबक्से में दो दिन के ...

Teej Festival :सावन के संग

देख के सावन झूमे है मन बादल की अठखेलियाँ बारिश की बूदें मिल के दिल में उत्पात मचाए दिल क्यूँ बहका लहका भीगे मन और तन दोनो ताल-तलैया डुबो जाए देख के सब तरफ हरियाली मयूर सा दिल नाचा जाए तीज का त्योहार .सावन की फुहार … कुछ उमड़ धुमड के मनवा नये गीत रचने लगता है ..ऐसा माना जाता है की संसार में ...

क्या हम सच में सभ्य हो रहे हैं ?

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क्या हम सच में सभ्य हो रहे हैं ? हम कितने सभ्य हो गये हैं ..आज हमे आज़ाद हुए कितने बरस बीत गये हैं और हमारे सभ्यता के कारनामो से तो आज के पेपर भरे रहते हैं नमूना देखिए बस में बाज़ार में किसी की जेब कट गयी है ,मामूली बात पर कहसुनी हो गयी .सड़क दुर्घटना का कोई शिकार हो गया जिसे तुरंत ...

मुंबई सपनो का शहर :Travel Review Mumbai

Mumbai सपनो का शहर माना जाता है ..वह सपने जो जागती आँखों से देखे जाते हैं ..और बंद पलकों में भी अपनी कशिश जारी रखते हैं ..पर सपना ही तो है जो टूट जाता है …यही लगा मुझे मुंबई शहर दो बार में देख कर …….. ..हम्म शायद मुंबई वाले मुझसे इस कथन पर नाराज हो जाएँ ..हम जिस शहर में रहते हैं वही ...

वह नहीं पढता मेरी कविता : By Uma Trilok

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वह नहीं पढता मेरी कविता ,इस शीर्षक ने ही मुझे बहुत अपनी तरफ खींचा ,इसको पढ़ते ही लगा कि जैसे कोई बहुत मासूम सी शिकायत कर रहा ,फिर पढ़ा तो लगा जैसे कोई हंस के किसी को बता रहा है। जब  संग्रह में कवितायें पढ़ी तो लगा यह तो कोई मेरे ही मन की बात कर रहा है ,उमा जी का सहज लेखन और ...